बेटियों के सपनों को पंख देगा नारी शक्ति वंदन!” – सुश्री सरोज कंसारी

बेटियों के सपनों को पंख देगा नारी शक्ति वंदन!” – सुश्री सरोज कंसारी

महिलाओं की आवाज को ताकत देने वाला यह ऐतिहासिक बिल – सोमा शर्मा पत्रकार

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज दोपहर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष कार्यवाही हुई। विभिन्न क्षेत्रों से आईं माताएं-बहनें सदन की कार्यवाही देखने पहुंचीं। पत्रकार, शिक्षक, डॉक्टर और वकील समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। अधिनियम में महिलाओं को 33% आरक्षण और नेतृत्व का अधिकार देने का प्रावधान है!

नावापारा-राजिम नगर अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, कवयित्री एवं शिक्षिका सुश्री सरोज कंसारी, डॉ. रेशमा साहू और पत्रकार सोमा शर्मा भी सदन पहुंचीं। नगर अध्यक्ष ओमकुमारी साहू ने कहा, _”नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान का दस्तावेज है। 33% आरक्षण से गांव-शहर की हर बेटी पंचायत से संसद तक पहुंचेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को सादर धन्यवाद।”

सुश्री सरोज कंसारी ने कहा, _”यह बिल सिर्फ कानून नहीं, बेटियों के सपनों को पंख है। जब मातृशक्ति निर्णय लेगी तो समाज की दिशा बदलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का आभार कि उन्होंने हमें सदन में सम्मान दिया।”

पत्रकार सोमा शर्मा ने कहा, _”महिलाओं की आवाज को ताकत देने वाला यह ऐतिहासिक बिल है। मीडिया की बहनें भी अब नीति निर्धारण में भागीदार बनेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम सराहनीय है।”_ प्रबुद्ध महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, साजा विधायक ईश्वर साहू, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और विधायक अनुज शर्मा उपस्थित रहे।

सदन में नारी शक्ति बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने विरोध दर्ज किया। इसके बाद मातृशक्ति ने अधिनियम के समर्थन में भावनाएं व्यक्त कीं और विशेष सत्र के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मातृशक्ति का यह विश्वास और समर्थन सरकार को ऊर्जा देता है, ताकि हर बहन-बेटी के सम्मान, सुरक्षा और सशक्त भविष्य के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जाए।

रुद्र अग्रवाल ने विद्यालय में किया प्रथम स्थान प्राप्त, विद्यालय परिवार व नगरवासियों में हर्ष

(सीजी टॉकीज) अभनपुर :  द ग्रेसियस स्कूल, अभनपुर में कक्षा पांचवी का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

परीक्षा परिणाम में रॉयल रेजिडेंशियल कॉलोनी निवासी छात्र रुद्र अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय में अव्वल स्थान हासिल किया। रुद्र की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन में हर्ष का माहौल है।

आपको बता दें कि रुद्र अग्रवाल अभनपुर के पत्रकार व राजिम प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष कुलदीप अग्रवाल के बड़े बेटे है, रुद्र अग्रवाल की मम्मी नीलू अग्रवाल पेशे से गृहणी है, रुद्र अग्रवाल की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार सहित राजिम प्रेस क्लब के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने भी उन्हें बधाई दी है।

विद्यालय के प्राचार्य ने रुद्र अग्रवाल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर मेहनत करने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर शिक्षकों ने बताया कि विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग से ही इस प्रकार के शानदार परिणाम संभव हो पाते हैं। विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

सब्सिडी खत्म, नया दौर शुरू—कर्मचारी संघ की मांग पर बदली मंत्रालय कैंटीन व्यवस्था”26 साल बदला सिस्टम

सब्सिडी खत्म, नया दौर शुरू—कर्मचारी संघ की मांग पर बदली मंत्रालय कैंटीन व्यवस्था”26 साल बदला सिस्टम

(सीजी टॉकीज ब्यूरो) अभनपुर/नवा रायपुर: नवा रायपुर मंत्रालय महानदी भवन में कैंटीन व्यवस्था में हालिया बदलाव व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। विस्तृत पड़ताल से यह स्पष्ट हुआ है कि यह परिवर्तन मंत्रालय कर्मचारी संघ के चुनावी वादे और औपचारिक मांग के अनुरूप लिया गया कदम है। लंबे समय से कैंटीन संचालन इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के किया जा रहा था, जिसमें राज्य शासन द्वारा लगभग ₹12 लाख प्रतिमाह की सब्सिडी प्रदान की जाती थी, वह भी बिक्री आय के अतिरिक्त। इसी कारण खाद्य पदार्थों की दरें बाजार दरों की तुलना में काफी कम बनी रहती थीं।

नए कर्मचारी संघ ने चुनाव के दौरान इस व्यवस्था को समाप्त कर टेंडर आधारित, पारदर्शी प्रणाली लागू करने का मुद्दा चुनावी घोषणा पत्र में था। चुनाव उपरांत संघ ने अपनी घोषणा को अमल में लाते हुए शासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की, जिसमें कैंटीन की गुणवत्ता, सेवा में देरी और सब्सिडी के औचित्य पर गंभीर सवाल उठाए गए। शासन ने इन बिंदुओं को संजीदगी से लेते हुए प्रकरण की समीक्षा प्रारंभ की।

प्रशासनिक स्तर पर फाइल को परीक्षण हेतु वित्त विभाग को भेजा गया, जहां कर्मचारी संघ द्वारा उठाई गई आपत्तियों के आधार पर सब्सिडी पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। सेवा निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से ICH को सीमित अवधि के लिए विस्तार दिया गया, परंतु यह स्पष्ट कर दिया गया कि आगे सब्सिडी जारी नहीं रहेगी।

सब्सिडी समाप्त होने के बाद ICH ने बिना वित्तीय समर्थन के संचालन जारी रखने में असमर्थता जताई, जिसके परिणामस्वरूप खुली निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई। प्रारंभिक चरणों में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिली, परंतु पुनः प्रयासों के बाद अंततः एक एजेंसी का चयन कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

अब कैंटीन पूर्णतः लागत-आधारित मॉडल पर संचालित होगी, जहां दरों का निर्धारण वास्तविक लागत के अनुरूप किया जाएगा। यह परिवर्तन उसी मांग का प्रत्यक्ष परिणाम है जिसे कर्मचारी संघ ने अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से रखा था।

आगामी समय में यह देखा जाना शेष है कि नई व्यवस्था कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है।