(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के दौरान उत्पन्न हुए विवाद के बाद राजस्व पटवारी संघ और राजिम विधायक रोहित साहू के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा के बाद मामला शांत हो गया है। पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करते हुए भविष्य में बेहतर समन्वय और संवाद के साथ कार्य करने की सहमति जताई है।
जानकारी के अनुसार, शिविर के दौरान हुई एक टिप्पणी को लेकर पटवारी संघ में नाराजगी उत्पन्न हो गई थी, जिसके विरोध स्वरूप संघ ने शिविर का बहिष्कार कर दिया था। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए विधायक रोहित साहू ने मीडिया के माध्यम से खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी का अपमान करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना है। विधायक की इस पहल के बाद राजस्व पटवारी संघ जिला गरियाबंद का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा।
बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त हल्कों का भार, सीमित संसाधनों में कार्य करने की कठिनाइयों और ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व कार्यों के दबाव जैसी समस्याओं को विस्तार से रखा। विधायक ने सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि राजस्व विभाग शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है तथा पटवारियों की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत अहम है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। बैठक के बाद पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की और कहा कि शासन की योजनाओं तथा राजस्व संबंधी कार्यों को आम जनता तक सुचारु रूप से पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुलाकात के दौरान राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गुलशन यदु, उपाध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, सचिव लव कुमार साहू, तहसील अध्यक्ष नरेंद्र साहू, अभिषेक चतुर्वेदी, मनीष पारकर, झामन यादव एवं राजेश माण्डले सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।





