कमार परिवार को तत्काल राहत: राशन कार्ड से लेकर आवास सर्वे तक शुरू, सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला में सोशल मीडिया पर एक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार परिवार की दयनीय स्थिति की खबर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत पहुंचानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित कमार परिवार लंबे समय से उड़ीसा राज्य में निवासरत था और हाल ही में मैनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वापस लौटा है। इसी कारण परिवार का नाम वर्ष 2011 और 2018 के प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था। वहीं वर्ष 2024 के नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी परिवार गांव में मौजूद नहीं मिला था।

प्रशासन ने बताया कि परिवार के वापस लौटने की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा परिवार का पीएम-जनमन योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पात्रता के आधार पर आगामी तीन माह के भीतर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिले में शेष पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भारत सरकार से स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, गरियाबंद जिले के देवभोग जनपद क्षेत्र अंतर्गत माडागांव में 8 मई को सुशासन तिहार शिविर लगाया गया। यहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दंपती देवभोग विकासखंड के बरही गांव का रहने वाला है।

अधिकारी के सामने दंडवत हुए

शिविर में पति-पत्नी जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने दंडवत प्रणाम करते हुए लेट गए और अधिकारी से खुद के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर दिलाने और राशन कार्ड की मांग की। दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से आवास योजना का लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिला है।

अपनी परेशानी बताते हुए दंपती ने सीईओ के पैरों में गिर पड़े और जल्द से जल्द आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। वहीं कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने परिवार की बात सुनी और जांच के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करने और मदद का भरोसा दिया।

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